Tuesday, August 4, 2026
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वॉटर हार्वेस्टिंग के नाम पर बड़ा घोटाला, एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने मौके पर पहुंचकर खोला मोर्चा!

 

वॉटर हार्वेस्टिंग के नाम पर बड़ा घोटाला, एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने मौके पर पहुंचकर खोला मोर्चा उच्च स्तरीय जांच की मांग।

बुरहानपुर(न्यूज़ ढाबा)–नगर पालिक निगम बुरहानपुर के अंतर्गत इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में स्वीकृत 1.48 करोड़ रुपये की सामुदायिक रेन वॉटर रिचार्ज/हार्वेस्टिंग परियोजना में भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर बुरहानपुर मजदूर यूनियन अध्यक्ष एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। प्रियांक सिंह ने इंदिरा कॉलोनी स्थित कार्यस्थल (ग्राउंड जीरो) पर पहुंचकर मीडियाकर्मियों की मौजूदगी में निगम प्रशासन तथा इंदौर के ठेकेदार दुष्यंत ठाकुर की सांठगांठ का पर्दाफाश किया।

 

ठाकुर प्रियांक सिंह ने कहा कि भूजल संरक्षण के पवित्र उद्देश्य के नाम पर जनता की कमाई के 1.48 करोड़ रुपये का खुलेआम बंदरबांट किया जा रहा है। इस परियोजना का ठेका इंदौर के ठेकेदार दुष्यंत ठाकुर को दिया गया है, जिसने नगर निगम बुरहानपुर के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ मिलकर केवल कागजों पर काम दिखाकर फर्जी भुगतान उठाने का सुनियोजित खेल रचा है।

एडवोकेट प्रियांक सिंह ने मौके से ही लाइव फोटो और वीडियो साक्ष्य एकत्र करते हुए मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया:

घटिया निर्माण सामग्री एवं जानलेवा गड्ढे: निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। खुदाई के बाद गड्ढों को बिना किसी उचित भराव, ढक्कन या सुरक्षा घेरे के खुला छोड़ दिया गया है। इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में आए दिन राहगीर, वाहन चालक और मासूम बच्चे इन खुले गड्ढों, अधूरे फुटपाथ में गिरकर घायल हो रहे हैं।

पक्षपातपूर्ण अतिक्रमण कार्रवाई: परियोजना के नाम पर नगर निगम प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस तो दिया परंतु अतिक्रमण तोड़ते समय रसूखदारों का ख़ास ख्याल रखा गया। किसी का अतिक्रमण टूटा तो किसी का छोड़कर वाटर हार्वेस्टिंग कि खाना पूर्ति कर दी गई।

5,000 मकानों व 10 उद्यानों के लक्ष्य में धांधली: योजना के अनुसार 5,000 मकानों को सोकपिट से जोड़ने और 10 प्रमुख उद्यानों में रिचार्ज वेल बनाए जाने थे। धरातल पर काम नगण्य होने के बावजूद कागजों में लक्ष्य पूर्ति दिखाकर भुगतान की तैयारी की जा रही है।

एडवोकेट ठाकुर प्रियांक सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस पूरे ₹1.48 करोड़ के प्रोजेक्ट की पारदर्शी एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, ठेकेदार दुष्यंत ठाकुर का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोका जाए और माप पुस्तिका का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए। दोषी पाए जाने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर लाइसेंस निरस्त होना चाहिए एवं नगर निगम कमिश्नर को पदमुक्त करना चाहिए।

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