Saturday, January 10, 2026
Homeधर्म-कर्मअर्चना चिटनिस की रक्षा डोर पहुंच रही है घर-घर।

अर्चना चिटनिस की रक्षा डोर पहुंच रही है घर-घर।

बुरहानपुर(न्यूज ढाबा)–
श्रावण पूर्णिमा, युगाब्ध 5125 पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस (दीदी) ने विष्वास और प्रेम के साथ रक्षाबंधन मनाने के साथ आस, प्रयास और विकास को लक्ष्य बनाकर महान भारत हेतु जीवन पर्यन्त योगदान का संकल्प सूत्र अपने स्नेही बंधुजनों को प्रेषित किया।
चिटनिस ने प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी देश, प्रदेश, संपूर्ण निमाड़ एवं बुरहानपुर, देवास, खंडवा, खरगोन, इंदौर और भोपाल आदि अनेक स्थानों पर अपने परिचित और स्नेहीजनों को रक्षा बंधन का संदेश और रक्षा सूत्र भेजा है। चिटनिस द्वारा भेजे गए संदेश की पंक्तियां इस प्रकार है:-

हर्ष हो, उल्लास हो, प्रेम हो, विष्वास हो, उन्नति हो, विकास हो, वर्ष भर मधुमास हो। धूम हो, धड़ाका हो, खेल हो, तमाषा हो, सैर हो, सपाटा हो, हर घर दाल-आटा हो। आस हो, प्रयास हो, मेरी विनती सुनो प्रभु। विषाणु का वंश न हो, महामारी का दंष न हो, अब और विध्वंस न हो, सब आनंदित रहे प्रभु। मुस्कुराता बचपन हो, तूफानी यौवन हो, अनुभव का वंदन हो, उल्लासित जीवन हो। प्रगति सपन साकार करें, मेरी विनती सुनो प्रभु। आईये, मन में विजय का उल्लास भर आपसी विष्वास और प्रेम के साथ सब मिल मनाएं रक्षाबंधन, इस संकल्प के साथ कि जीवन पर्यन्त योगदान देते रहेंगे महान भारत बनाए रखने के लिए…
अर्चना चिटनिस द्वारा प्रतिवर्ष अपने परिचितजनों को देश-प्रदेश में रक्षा सूत्र और शुभकामना संदेश विगत 25 वर्षों से लगातार प्रेषित किए जाते है। चिटनिस द्वारा देश, प्रदेश, निमाड़, खंडवा और बुरहानपुर क्षेत्र के हर गांव और नगर के हर गली-मोहल्ले में अपने परिचितजनों को राखी (रक्षा बंधन) की शुभकामना संदेश त्यौहार से पूर्व या आगामी एक पखवाड़े तक भेजा जाता है।
विगत वर्ष क्षेत्र के कुछ कार्य करता भाइयों का मन दुखी भी था कि इस बार हमें रक्षा सूत्र नहीं मिला। बहरहाल इतने बड़े क्षेत्र में रक्षा सूत्र वितरित करना और संबंधित तक पहुंचाना भी एक कठिन कार्य होता है इसे मानवीय भूल माना जा सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments