भवन निर्माण में इंजीनियर क्यों है जरूरी ठेकेदार और इंजीनियर के फर्क को समझाया।अडाणी ग्रुप के कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने साझा किए विचार।
बुरहानपुर (न्यूज ढाबा)–भवन निर्माण में इंजीनियर की भूमिका को लेकर अडाणी ग्रुप द्वारा गुरुसिख मॉल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कंसलटिंग इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद गढ़वाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्री गढ़वाल ने इंजीनियर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान में कई लोग ठेकेदारों पर अत्यधिक निर्भर रहते हैं और मानते हैं कि अनुभवी ठेकेदार ही मकान बना सकते हैं, जिससे इंजीनियर की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन यह धारणा गलत है।
इंजीनियर केवल भवन निर्माण नहीं करवाते बल्कि उसकी सही प्लानिंग, सुरक्षा और मजबूती का भी ध्यान रखते हैं। इंजीनियर भवन की संरचना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांचते हैं। मिट्टी की गुणवत्ता और उसकी लोड क्षमता का परीक्षण करते हैं। आवासीय या व्यावसायिक भवन के अनुसार सामग्री की मात्रा निर्धारित करते हैं। सरिया, सीमेंट, रेत, गिट्टी और अन्य सामग्रियों की सही मात्रा तय करते हैं।
इंजीनियर गढ़वाल ने कहा जहां ठेकेदार अपने अनुभव के आधार पर भवन निर्माण करवाता है, वहीं इंजीनियर भवन की मजबूती और दीर्घकालिक सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करता है।
इंजीनियर भवन के निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन करता है, भवन के भार को संतुलित करने के लिए सटीक गणना करता है, भूकंपरोधी और टिकाऊ निर्माण के लिए जरूरी उपाय अपनाता है।
इस आयोजन में बुरहानपुर के कंसलटिंग इंजीनियर एसोसिएशन के सदस्य, विभिन्न डीलर और कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अरुण चतुर्वेदी (रीजनल टेक्निकल सर्विस मैनेजर, भोपाल) भी विशेष रूप से मौजूद थे।