Saturday, February 7, 2026
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बुरहानपुर में ताप्ती नदी में निकाली तिरंगा यात्रा, वंदे मातरम के नारो से गूंजा ताप्ती कछार।

बुरहानपुर में ताप्ती नदी में निकाली तिरंगा यात्रा, वंदे मातरम के नारो से गूंजा ताप्ती कछार।

बुरहानपुर(न्यूज़ ढाबा)–आजादी के अमृत महोत्सव को हर कोई अपने तरीके से मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के नेतृत्व में एक नवाचार मां ताप्ती नदी के बीच लहरो में दर्जनों नावें उसमे सवार देश भक्त नागरिक, कार्यकर्ताओ ने तिरंगा लहराया। ‘‘हर घर तिरंगा अभियान‘‘ के तहत बुरहानपुर में सूर्यपुत्री ताप्ती नदी में नाव पर सवार होकर श्रीमती चिटनिस, भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व महापौर, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ता और समर्थकों के साथ ताप्ती नदी के बीच पहुंची। उन्होंने ताप्ती नदी की लहरों के बीच देश की आन, बान और शान का प्रतीक तिरंगा को लहराया। इस अनोखी तिरंगा यात्रा को देखने के लिए नागझिरी घाट, राजघाट पर बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचे। घाट पर मौजूद लोगों ने देश की आजादी का जश्न मनाते हुए देशभक्ति के नारे लगाए। भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से नगर और आसपास के गांवों में मां ताप्ती के तट गुंजायमान हो उठे।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आव्हान पर पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा है। शहर की सभी सड़कों और गलियों पर अलग-अलग स्वरूपों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही हैं। उसी क्रम में हमने ताप्ती नदी में अनोखी तिरंगा यात्रा निकाली। देश भर में जगह-जगह तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। लेकिन मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की तिरंगा यात्रा सबसे अलग है। तिरंगा यात्रा में ताप्ती नदी के नागझिरी घाट से राजघाट तक निकाली गई। लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। सभी नावों पर तिरंगा शान से लहरा रहा था। इस अनोखी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए लोगों के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह दिखाई दिया।
श्रीमती चिटनिस ने कहा कि बुरहानपुर शहर ताप्ती नदी के तट पर बसा है, वह भी हमारे और शहर के लिए एक जीवनदायिनी के रूप में है। इसलिए ताप्ती नदी को स्वच्छ और अविरल बनाए रखने के संकल्प और इस संकल्प को शहरवासियों तक पहुंचाने के उद्देश्य के साथ ताप्ती नदी में यह तिरंगा यात्रा निकाली है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है, जहां पर आजादी का जश्न न मनाया जा रहा हो। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रयासों से ही संभव हुआ है कि राष्ट्रीय ध्वज जिसे फहराने का काम पहले कुछ विशेष लोगों के हाथों में होता था, लेकिन अब घर-घर में तिरंगा फहराया जा रहा है।
श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि आज हमने रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया है। रक्षा बन्धन केवल भाई-बहन का त्यौहार नहीं वरन प्रत्येक मानव का हम सब का प्रकृति से रिश्ता, नदियों से, पहाड़ों से, पेड़ों से सब की परस्पर रक्षा करते हुए एक जिम्मेदार और समझदार समाज होने का एक संकल्प लेकर रक्षा बन्धन से आजादी के पर्व को एक सुंदर अवसर बनाकर ये तिरंगा यात्रा निकाली गई। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि हम उस देश के वासी हैं जिस देश में ष्ताप्तीष् बहती तो विचार आया कि हमारी तिरंगा यात्रा ताप्ती नदी से नौका विहार करते हुए क्यों न निकले। हमने ताप्ती नदी के नागझिरी घाट से लेकर राजघाट तक की तिरंगा यात्रा निकाली। जब हम मां ताप्ती नदी के बीच लहरों से गुजरते हुए तिरंगा यात्रा निकालते हैं तब देश की रक्षा के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा, प्रकृति से एक सुंदर संबंध, एक बॉन्डिंग एक रिश्ता बनाते हुए हम देश की भी चिंता करते हैं, पर्यावरण और प्रकृति की भी चिंता करते हैं। और जब राजघाट पर खड़े हो, जिसे अहिल्याबाई ने बनाया तो हम संस्कृति की भी चिंता करते हैं। अगर हम सब जिम्मेदार नागरिक हैं और समझदार नागरिक हैं तो निश्चित तौर पर भारत दुनिया का सिरमौर था, है और भविष्य में भी रहेगा।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ.मनोज माने, पूर्व महापौर अतुल पटेल, बलराज नावानी, चिंतामन महाजन, कैलाश पारीख, समर्थ चिटनिस, किशोर राठौर, चिंटू राठौर, धनराज महाजन, आशीष शुक्ला, रितेश सरोदे, अनिल विस्पुते, ईश्वर चौहान, रूद्रेश्वर एंडोले, नितीन महाजन, योगेश चौधरी, धनराज महाजन, महेशसिंह चौहान, नितीन महाजन, अक्षय मोरे, रामा नायक, भरत रावल, प्रशांत रावतोले, राकेश सवकारे, जयंत मुंशी एवं विजय अमोदे सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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