Saturday, February 7, 2026
Homeबुरहानपुरसांसद ने लोकसभा में उठाया मौसम आधारित फसल बीमा योजना का मुद्दा।

सांसद ने लोकसभा में उठाया मौसम आधारित फसल बीमा योजना का मुद्दा।

सांसद ने लोकसभा में उठाया मौसम आधारित फसल बीमा योजना का मुद्दा।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा ज्ञानेश्वर जी किसान हितेषी जल्द किसानों को मिलेगी खुशखबरी।

बुरहानपुर(न्यूज़ ढाबा)–मंगलवार को खंडवा लोकसभा सांसद श्री ज्ञानेश्वर पाटील ने लोकसभा में एक बार फिर संसदीय क्षेत्र में मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने की मांग को पुरजोर तरीके से सदन में उठाया। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि ज्ञानेश्वर पाटील जी किसान हितेषी सदस्य है। किसानो के कल्याण के लिए सदैव कार्य करते रहते हैं। मौसम आधारित फसल बीमा योजना राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार लागू करती है। ज्ञानेश्वर जी के साथ में स्वयं राज्य सरकार से चर्चा करूंगा और किसान भाइयों को विश्वास दिलाता हु कि जल्द ही मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की जायेगी।

 *किसानों को हर साल हो रहा नुकसान* 

सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने तारांकित प्रश्न में बताया कि मध्य प्रदेश में मेरे संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक केला फसल का उत्पादन किसान करते हैं। खंडवा संसदीय क्षेत्र में लगभग 60 हज़ार एकड़ में केला फसल का उत्पादन होता हैं। गत वर्ष भी 3 बार तेज हवा-आंधी और बारिश के चलते केला उत्पादकों की करोड़ों की खड़ी फसल तबाह हो गई थी। मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की गई या नहीं? फसल नुकसानी के भुगतान में कितना समय लगता है। इस प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और उस में बागवानी फसल के लिए मौसम आधारित फसल बीमा योजना राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार लागू करती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी कर्मठ व गतिशील मुख्यमंत्री है। मध्य प्रदेश में केले के फसल का नुकसान होने पर हमारी सरकार द्वारा 2 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जाती है। इस सदन को विश्वास दिलाता हूं कि जल्द मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने का काम करेंगे। फसल के नुकसान के भुगतान के लिए अधिकतम एक महीने के बाद राज्य सरकार केंद्र को रिपोर्ट भेजती हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद फसल के दावे का भुगतान किया जाता है। लेकिन अब हमारी सरकार ने तय किया है कि राज्य सरकार उपज के आंकड़े भेज दे। इसके बाद भुगतान में अगर बीमा कंपनी देरी करती हैं तो कंपनी को 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा। उल्लेखनीय हैं कि ऐतिहासिक सांस्कृतिक और धार्मिक शहर बुरहानपुर की यहां उत्पादित केले से भी देश-विदेश में अलग पहचान है। केला यहां की प्रमुख फसल है। केले को एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया गया है। जिले के किसानों को लगातार 5 साल से केला फसल पर बीमा का लाभ दिए जाने की मांग उठ रही है। इस संबंध में क्षेत्रीय किसानों तथा किसान संगठनों द्वारा खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील से भेंट कर केला फसल बीमा की मांग की जा रही थी।

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