Saturday, January 10, 2026
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बुरहानपुर के हिंदू मुस्लिम धर्म गुरुओं ने दिया समझदारी का परिचय सभी ने स्वेच्छा से मंदिर मस्जिद से ध्वनि विस्तार यंत्रों को हटाया।

बुरहानपुर के हिंदू मुस्लिम धर्म गुरुओं ने दिया समझदारी का परिचय सभी ने स्वेच्छा से मंदिर मस्जिद से ध्वनि विस्तार यंत्रों को हटाया।

बुरहानपुर (न्यूज ढाबा)–मध्य प्रदेश के मुखिया मोहन यादव जी ने शपथ लेने के तुरंत बाद शासन प्रशासन को दिशा निर्देश दिए जिसमें मुख्य रूप से खुले में मांस मछली विक्रय, मंदिर मस्जिद पर लगे ध्वनि विस्तार के यंत्रों को नियम के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए गए थे।

फलस्वरुप बुरहानपुर जिले में 2 दिन पूर्व जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी धर्मगुरु जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख एवं ईसाई सभी धर्म गुरुओं एवं शहर के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित कर एक बैठक आहूत की गई थी। जिसमें सभी धर्म गुरुओं को कोलाहल अधिनियम के संदर्भ में जानकारी दी गई थी,

जिसमें सभी ने सामूहिक रूप से प्रशासन का पूर्ण रूप से सहयोग करने की सहमति जताई थी, आज शहर एवम् ग्रामीण मंदिरों एवं मस्जिदों से स्वेच्छा से ध्वनि विस्तारक यंत्रों को उतर गया, जिस स्थान पर दो या तीन स्पीकर चिलम लगी थी उन्हें हटाकर वहां पर मात्र एक-एक स्पीकर को ही रखा गया है। इसी प्रकार से बुरहानपुर शहर एवं आसपास के ग्रामीणों में स्थित मंगल कार्यालय धर्मशाला साउंड एवं डीजे के मालिकों को भी इसी प्रकार से समझाइए देकर कोलाहल अधिनियम कानून की पालन करने को कहा जाएगा ।

पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि कोलाहल अधिनियम के अंतर्गत दिन में 75 डेसीबल एवं रात में 70 डेसीबल तक ही ध्वनि यंत्रों को बजाया जा सकता है, इन ध्वनि विस्तार के यंत्रों को नापने के लिए विशेष रूप से यंत्र कुछ ही दिनों में प्रशासन के पास में उपलब्ध होने वाले हैं। उन यंत्रों से ध्वनि की गति नापी जा सकती है अगर ध्वनि की गति कोलाहल अधिनियम के अनुरूप नहीं रही तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जावेगी ।

बुरहानपुर शहर के बीचो-बीच कई धर्मशाला एवं मंगल कार्यालय रहवासी इलाकों में स्थित है, सभी जगह पर पूरे वर्ष भर कुछ न कुछ कार्यक्रम होते रहते हैं जिसमें विवाह, जन्म दिवस राजनीतिक धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें अमूमन बड़े डीजे एवं स्पीकर का प्रयोग किया जाता है इन ध्वनि विस्तार यंत्रों की आवाज काफी तेज होने की वजह से आसपास के रहवासियों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से बुजुर्ग लोग बच्चे और पशु भी इस ध्वनि से परेशान होते पाए गए हैं ।ध्वनि कोलाहल नियम लागू होने के पश्चात यह सभी इस तरह की परेशानियों से मुक्त हो सकेंगे!

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