बिना अस्त्र-शस्त्र के पांडवों को प्रभु ने विजय दिलवा दी प्रभु प्रेम के भूखे हैं!
भागवत भूषण श्री हरिकृष्ण मुखिया जी,
बुरहानपुर(न्यूज़ ढाबा)–बुरहानपुर के लालबाग मार्ग स्थित होटल संस्कार मैरिज गार्डन में पाटीदार परिवार की और से आयोजित श्रीमद संगीतमय भागवत सप्ताह के दूसरे दिन भागवत भूषण श्री हरिकृष्ण मुखिया जी ने महाभारत की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि बिना अस्त्र-शास्त्र के पांडवों को प्रभु ने विजय दिलवा दी प्रभु प्रेम के भूखे हैं आपने बताया कि दुर्योधन के छप्पन भोग का त्याग करके भक्ति भाव से विदुर जी की प्रभु ने प्रेम से भाजी अंगीकार की परंतु दुर्योधन के भोग को देखा भी नहीं प्रभु से जब भीष्म पितामह ने पूछा कि प्रभु मैं जीवन में ऐसा कौन सा पाप किया है जिसकी सजा मुझे तीरों के सैया पर मिल रही है तब प्रभु ने कहा की भीष्म पितामह आप शक्तिमान होने के बावजूद भी द्रोपती की लाज नहीं बचा सके , द्रोपती का चीर हरण हो रहा था वहां मोन धारण करके बैठे थे वह अबला का चीर हरण देखना आपको यह सजा भुगतना पड़ रही है मनुष्य के कर्म ही मनुष्य के पुण्य है और मनुष्य के कर्म ही मनुष्य का पाप है आप जैसे कर्म करोगे प्रभु वैसा ही फल आपको देगा इसलिए जहां तक बने सुंदर कार्य करने की प्रेरणा दो स्वयं करो और दूसरों को भी करने के लिए प्रेरित करो यही भागवत ज्ञान गंगा में आज के विचार का सार है जब भी भागवत सप्ताह होती है साक्षात श्रीनाथजी भागवत सप्ताह में पधारते हैं और भक्त की मनोरथ पूर्ण करते हैं । साथ ही कुंती जी का श्री कृष्ण जी के साथ संवाद बनाता है इस दौरान भजन पर कथा यजमान रमेश पाटीदार, पूर्व विधायक रामदास शिवहरे सहित अन्य भक्त जमकर थिरकते नजर आये, कथा सुनने के लिए हजारों की संख्या में भक्त मोजुद थे कथा समाप्ति के बाद भक्तों को कथा यजमान राजाराम पाटीदार, मीना रमेश पाटीदार, गायत्री राजाराम पाटीदार ने प्रसादी का वितरण किया

